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क्षेत्रीय लोकगीत एवं विवाह संस्कार बोल संग्रह • 100% AUTHENTIC HERITAGE

DESI WEDDING RITES & FOLK LYRICS VAULT

पारंपरिक विवाह संस्कार एवं क्षेत्रीय लोकगीत बोल संग्रह

रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के सदियों पुराने परछन, दुआचार, बन्ना-बन्नी, समधी गारी, अंजुरी-गैलहाई (विदाई), सोहर-दादरा, कजरी, फाग, और देवी जस के प्रामाणिक बोल। एक क्लिक में बोल कॉपी करें, व्हाट्सएप पर साझा करें या 20 सेकंड का स्टूडियो प्रिव्यू सुनें।

10 HERITAGE COMPOSITIONS
विवाह संस्कार • द्वार आगमनबघेली व अवधी (रीवा, सतna, अयोध्या)

आए हैं दुलहा द्वारे - परछन गीत

Parchhan Geet (द्वार परछावन)
संस्कार एवं रस्म विधान:बारात के मंडप के मुख्य द्वार पर पहुँचने पर वधु की माता व कुल की स्त्रियाँ कांस्य थाली में दीपक, रोली और हल्दी से दूल्हे की आरती व परछन करती हैं।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

आए हैं दुलहा द्वारे, आरती उतारो री माई।

कंचन थार कपूर की बाती, मोतिन चौक पुराओ री माई॥

माथे मुकुट कुंडल छवि सोहे, नजर न लागे मोरे राजदुलारे को।

सासु ठाढ़ी आरती उतारे, हँसि-हँसि तिलक लगावे री माई॥

हल्दी अक्षत चन्दन घोरी, मंगल कलश सजाओ री माई।

आए हैं दुलहा द्वारे, आरती उतारो री माई॥

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Aaye hain dulaha dwaare, aarti utaaro ri maai.

Kanchan thaar kapoor ki baati, motin chauk puraao ri maai.

Maathe mukut kundal chhavi sohe, nazar na laage more raaj dulaare ko.

Saasu thaadhi aarti utaare, hansi-hansi tilak lagaave ri maai.

Haldii akshat chandan ghori, mangal kalash sajaao ri maai.

Aaye hain dulaha dwaare, aarti utaaro ri maai.

Preserved and Mastered by Media Mafias Folk Heritage Collective
विवाह संस्कार • मंडप व कन्यादानबघेली व अवधी (विंध्य व पूर्वांचल)

बाबा जे मांगेले गइया के दानवा - दुआचार

Duarchar & Kanyadaan (दुआचार व कन्यादान)
संस्कार एवं रस्म विधान:दुआचार के समय वेदी पर पिता द्वारा गोदान व कन्यादान का पावन क्षण, जहाँ माता-पिता के त्याग और कुल-मर्यादा का गान होता है।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

बाबा जे मांगेले गइया के दानवा, मइया मँगेली सिन्दूर हो।

चाचा जे मांगेले सोने के कंगनवा, दुलहिन मांगेली सुहाग हो॥

हाथ में कुसवा, अँचरा में अक्षत, बाबा करेले कन्यादान।

सातो जनम के नेह निबाहब, राखब कुल के मान हो॥

गंगा की धार जइसे बहती विदाई, नयनन जल छलकाए हो।

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Baaba je maangele gaiya ke daanawa, maiya mangeli sindoor ho.

Chaacha je maangele sone ke kanganwa, dulahin maangeli suhaag ho.

Haath mein kusawa, anchara mein akshat, baaba karele kanyadaan.

Saato janam ke neh nibaahab, raakhab kul ke maan ho.

Ganga ki dhaar jaise bahati vidaai, nayanan jal chhalakaaye ho.

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विवाह संस्कार • शृंगार व उल्लासबघेली, बुंदेली व अवधी (संपूर्ण मध्य भारत)

मोरा बन्ना बड़ा अलबेला - बन्ना बन्नी

Banna Banni Geet (बन्ना-बन्नी)
संस्कार एवं रस्म विधान:विवाह से पूर्व तेल-हल्दी (मटमंगरा) की रस्म में दोनों पक्षों में गाया जाने वाला चुलबुला व आनंदमयी शृंगार गीत।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

मोरा बन्ना बड़ा अलबेला, सेहरे में फूल गुलाब।

हाथों में कँगना खनके, चाल चले मस्तानी॥

बन्नी बैठी महल अटरिया, देखे बन्ना की शान।

माथे टीकम, पाँव महावर, रूप सलोना जान॥

ढोलक बाजे, झांझ झनके, झूमे सारा गाँव।

मोरा बन्ना बड़ा अलबेला, सेहरे में फूल गुलाब॥

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Mora banna bada albela, sehare mein phool gulaab.

Haathon mein kangana khanake, chaal chale mastaani.

Banni baithi mahal atariya, dekhe banna ki shaan.

Maathe teekam, paanv mahaavar, roop salona jaan.

Dholak baaje, jhaanjh jhanake, jhoome saara gaanv.

Mora banna bada albela, sehare mein phool gulaab.

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विवाह संस्कार • पंगत व लोक परिहासबघेली (रीवा, सतना, सीधी) व भोजपुरी

समधी के पेटवा में कौआ बोले - जेवनार गारी

Jeonaar Samdhi Gari (जेवनार व गाली गीत)
संस्कार एवं रस्म विधान:बारातियों के पंगत में भोजन (जेवनार) करते समय वधु पक्ष की महिलाएं थाली-लोटा बजाकर समधियों से मधुर परिहास करती हैं।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

समधी के पेटवा में कौआ बोले, जेवना मगन भये समधी।

काहे की भाजी काहे का रायता, पूरी गटक गये समधी॥

रसगुल्ला देखि समधी ललचाए, धोती सम्हारे न जाए।

मीठी गारी देहिं सखी सब, हँसि-हँसि ताल बजाये॥

सत्कार में गारी देत हम, बुरा न मानब समधी।

समधी के पेटवा में कौआ बोले, जेवना मगन भये समधी॥

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Samadhi ke petwa mein kaua bole, jevana magan bhaye samadhi.

Kaahe ki bhaaji kaahe ka raayata, poori gatak gaye samadhi.

Rasgulla dekhi samadhi lalchaaye, dhoti samhaare na jaaye.

Meethi gaari dehin sakhi sab, hansi-hansi taal bajaaye.

Satkaar mein gaari det hum, bura na maanab samadhi.

Samadhi ke petwa mein kaua bole, jevana magan bhaye samadhi.

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विवाह संस्कार • विदाई व करुण रसबघेली (विंध्य) व अवधी

काहे को ब्याही बिदेस - विदाई व गैलहाई

Anjuri & Gailhai (अंजुरी व गैलहाई - विदाई)
संस्कार एवं रस्म विधान:विदाई के समय जब वधु पीछे की ओर अक्षत (चावल) की अंजुली फेंकती है और डोली प्रस्थान करती है, तब गाँव की सीमा तक 'गैलहाई' गाई जाती है।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

काहे को ब्याही बिदेस रे लखिया बाबुल मोरे।

भैया को दीन्हे महल दो महला, हमको दियो परदेस॥

अंजुरी भर अक्षत डारि के रोवे, रोवे सहेली और माई।

डोली कहार उठावत काँपे, छूटल गँवई गाँव री माई॥

आशीष देव सब बुजुर्ग गाँव के, सदा सुहागिन रहो री लली।

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Kaahe ko byaahi bidesh re lakhiya baabul more.

Bhaiya ko deenhe mahal do mahala, hamko diyo pardes.

Anjuri bhar akshat daari ke rowe, rowe saheli aur maai.

Doli kahaar uthaawat kaanpe, chhootall ganwai gaanv ri maai.

Aasheesh dev sab buzurg gaanv ke, sada suhaagin raho ri lali.

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जन्मोत्सव • सोहर व बधाईबघेली (रीवा, सतना) व अवधी

एही अँगना म लाखन लुटाई देब - सोहर दादरा

Sohar Dadra (सोहर दादरा - जन्मोत्सव)
संस्कार एवं रस्म विधान:संतान जन्मोत्सव और नामकरण संस्कार पर कुल की महिलाएं आंगन में एकत्र होकर ढोलक की थाप पर सोहर गाती हैं।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

एही अँगना म लाखन लुटाई देब, ललना के जनमवा भये।

बाजे मृदंग झांझ और ढोलक, खुशियाँ मनावे सखी॥

दादी लुटावे सोने के मोहरें, बुआ लुटावे सुहाग।

चाचा-चाची गावे बधाइयाँ, जागे कुल के भाग॥

जुग-जुग जिए मोरा कुल के उजियारा, मातु-पिता बलिहारी।

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Ehi angana ma laakhan lutaaee deb, lalana ke janamwa bhaye.

Baaje mridang jhaanjh aur dholak, khushiyaan manaave sakhi.

Daadi lutaave sone ke moharen, bua lutaave suhaag.

Chaacha-chaachi gaave badhaiyaan, jaage kul ke bhaag.

Jug-jug jiye mora kul ke ujiyaara, maatu-pita balihaari.

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ऋतु लोकगीत • सावन व वर्षाअवधी व मिर्ज़ापुरी (वाराणसी, मिर्ज़ापुर, रीवा)

बरसन लागी बदरिया सावन की - कजरी

Kajri Geet (कजरी - सावन वर्षा)
संस्कार एवं रस्म विधान:सावन मास में हरियाली तीज और रक्षाबंधन के समय नीम की डालों पर झूले डालकर गाई जाने वाली पारंपरिक कजरी।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

बरसन लागी बदरिया सावन की, झूला झूलें सिया-राम।

हरिहर दूब मगन मन मोरा, कोयल बोले अमवा की डार॥

रिमझिम-रिमझिम बूँदें बरसे, भीजे सखियन के चीर।

पिया परदेस बसे नहीं आए, नैनन छलके नीर॥

सावन आयो री सखी, झूलो कदम की छैयाँ।

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Barasan laagi badariya saawan ki, jhoola jhoolen Siya-Raam.

Harihar doob magan man mora, koyal bole amawa ki daar.

Rimjhim-rimjhim boonden barase, bheeje sakhiyan ke cheer.

Piya pardes base nahi aaye, nayanan chhalake neer.

Saawan aayo ri sakhi, jhoolo kadam ki chhaiyaan.

Preserved and Mastered by Media Mafias Folk Heritage Collective
ऋतु लोकगीत • होली व फागबुंदेली (झांसी, सागर, छतरपुर)

उड़त गुलाल लाल भये बादर - बुंदेली फाग

Phaag & Bundeli Rai (फाग व बुंदेली राई)
संस्कार एवं रस्म विधान:होली उत्सव और कटाई के समय नगाड़िया और टिमकी की तेज थाप पर ईसुरी की चौघड़ियों के साथ गाई जाने वाली फाग।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

उड़त गुलाल लाल भये बादर, खेलें फाग ब्रज के यार।

चंग ढोलक झांझ बजावे, रंग बरसे अपार॥

पिचकारी भर मारत कान्हा, गोपी करत पुकार।

बुंदेलखंड के वीरों की टोली, नाचे राई ताल अपार॥

ईसुरी की फागें गूंजे, महुआ के बन मझार।

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Udat gulaal laal bhaye baadar, khelen phaag Braj ke yaar.

Chang dholak jhaanjh bajaave, rang barase apaar.

Pichkaari bhar maarat Kaana, gopi karat pukaar.

Bundelkhand ke veeron ki toli, naache raai taal apaar.

Eesuri ki phaagen goonje, mahua ke ban majhaar.

Preserved and Mastered by Media Mafias Folk Heritage Collective
भक्ति व लोक जागरण • देवी जसबघेली व विंध्याचली (मैहर, रीवा, विंध्याचल)

निमिया की डार मैया झुलेली झुलनवा - देवी जस

Devi Jas & Pachra (देवी जस - मैहर शारदा माई)
संस्कार एवं रस्म विधान:चैत्र व शारदीय नवरात्रि में मैहर त्रिकूट पर्वत पर शारदा भवानी और शीतला माता के जागरण में ढाक और झांझ पर गाया जाने वाला जस।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

निमिया की डार मैया झुलेली झुलनवा, पवन डोलावे डार।

माई के द्वारे सेवक तरसें, जय जय शारदा माय॥

सोने के छत्र गले मोतिन माला, सिंह चढ़ी महरानी।

त्रिकूट पर्वत पर वास तिहारो, मैहर की कल्याणी॥

जो जन ध्यावे सो फल पावे, संकट काटो मात।

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Nimiya ki daar maiya jhooleli jhulanwa, pawan dolaave daar.

Maai ke dwaare sewak tarasen, jai jai Shaarada maay.

Sone ke chhatra gale motin maala, singh chadhee mahraani.

Trikoot parwat par waas tihaaro, Maihar ki kalyaani.

Jo jan dhyaave so phal paave, sankat kaato maat.

Preserved and Mastered by Media Mafias Folk Heritage Collective
वीर रस व लोक गाथा • आल्हा-ऊदलबुंदेली व बैसवाड़ी (महोबा, बुंदेलखंड)

बारह बरस ले कूकुर जीवे - आल्हा वीर गाथा

Aalha Folk Ballad (आल्हा गायन - वीर रस)
संस्कार एवं रस्म विधान:वर्षा ऋतु में रातों के समय ढोलक और मंजीरे की गूंज पर महाबली आल्हा और ऊदल की 52 लड़ाइयों की वीरगाथा का गायन।
हिंदी / देवनागरी बोल (Authentic Lyrics)स्थाई व अंतरा

बारह बरस ले कूकुर जीवे, औ सोरह लै जिए सियार।

बरस अठारह छत्री जीवे, आगे जीवन को धिक्कार॥

जाके बैरी संमुख ठाढ़े, तेहि को नींद न आवे।

महोबे के आल्हा ऊदल वीरा, तलवारिन खनकावे॥

मातृभूमि की रक्षा खातिर, शीश दान दे जावे।

English Transliteration (रोमन लिपि)Pronunciation Guide

Baarah baras le kookur jeeve, au sorah lai jiye siyaar.

Baras athaarah chhatri jeeve, aage jeevan ko dhikkaar.

Jaake bairi sammukh thaadhe, tehi ko neend na aave.

Mahobe ke Aalha Oodal veera, talwaarin khankaave.

Maatribhoomi ki raksha khaatir, sheesh daan de jaave.

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SEO & Voice Search Knowledge Guide

मध्य भारत के पारंपरिक वैवाहिक एवं मौसमी लोकगीतों की महत्ता

बघेलखंड (रीवा, सतना, सीधी, शहडोल), बुंदेलखंड (झांसी, सागर, छतरपुर), अवध (अयोध्या, लखनऊ) और पूर्वांचल की लोक संस्कृति में विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो कुलों और संस्कृतियों का मिलन है। द्वार पर दूल्हे की आरती उतारते समय परछन गीत, मंडप प्रवेश पर दुआचार, कन्यादान के समय शास्त्रीय वेद-मंत्रों के साथ लोकगीत, और बारात की पंगत में भोजन के समय समधियों के साथ प्रेममयी हास-परिहास के लिए जेवनार व गारी गीत गाए जाते हैं। Media Mafias इन अनमोल मौखिक धरोहरों के मूल बोलों को उनके विशुद्ध रूप में लिपिबद्ध व स्टूडियो-रिकॉर्डेड संरक्षित करता है।